महाराष्ट्र में कोरोना तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सरकार ने विश्वविद्यालयों की फाइनल ईयर की परीक्षाएं रद्द करने का ऐलान किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए राज्य सरकार ने कहा कि प्रोफेशनल और नॉन- प्रोफेशनल कोर्सेज की सभी परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। यह फैसला राज्य के सभी 14 विश्वविद्यालयों के नॉन- प्रोफेशनल और प्रोफेशनल कोर्स से जुड़े स्टूडेंट्स के लिए लिया गया है। इस फैसले के बाद अब छात्रों को पिछले सेमेस्टर के अंकों के आधार पर मार्क दिए जाएंगे।
10 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स होंगे प्रभावित
सीएमओ ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालयों के तय किए गए फॉर्मूले के आधार पर डिग्री देने का फैसला किया गया है। ट्वविटर पर ट्ववीट करते हुए सीएमओ ने लिखा कि, ‘प्रोफेशनल और नॉन- प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के आखिरी साल के लास्ट सेमेस्टर की परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया गया। सरकार के फैसले का राज्य के 10 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स पर असर पड़ेगा। इसमें नॉन प्रोफेशनल कोर्स के फाइनल ईयर में 7.3 लाख, जबकि इंजीनियरिंग, होटल मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर, लॉ जैसे कोर्सेस में 2.8 लाख स्टूडेंट्स शामिल हैं।
जुलाई में होनी थी परीक्षा
यह परीक्षाएं जुलाई में आयोजित होनी है, लेकिन कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। महाराष्ट्र देश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला राज्य है। यहां 1 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं रोजाना यहां तेजी से मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में राज्य में होने वाली परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। वहीं, इससे पहले राज्य सरकार ने ICSE बोर्ड को भी 10वीं-12वीं की बची परीक्षा के आयोजन की मंजूरी देने से इंकार कर दिया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हाल ही में CBSE-ICSE ने भी 1 जुलाई से होने वाली 10वीं- 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है।
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