केंद्र सरकार की अनलॉक 5 की गाइडलाइन्स के तहत कंटेनमेंट जोन के बाहर के सभी स्कूलों को 15 अक्टूबर से फिर से खोलने की अनुमति दे दी गई है। हालांकि, इस बारे में आखिरी फैसला लेने का अधिकार राज्यों को दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने राज्य में स्कूल दोबारा खोलने के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 संक्रमण के मद्देनजर राज्य में 8वीं तक के बच्चों के लिए फिलहाल स्कूल नहीं खोले जाएंगे।
21 सितंबर से आंशिक तौर पर खुल चुके हैं स्कूल
मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि माध्यमिक स्कूलों में कम उम्र के बच्चे होते हैं और हम किसी प्रकार का खतरा नहीं उठा सकते। शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में 21 सितंबर से सीमित संख्या में स्टूडेंट्स के लिए 9वीं से 12वीं के स्कूलों को आंशिक रूप से खोला गया है। 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए आंशिक रूप से खोले गए स्कूलों में कोविड-19 एसओपी का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं पैरेंट्स
शिक्षा मंत्री के मुताबिक, अगर माता-पिता या अभिभावक अपने बच्चे को महामारी के इस दौर में स्कूल नहीं भेजना चाहते, तो उन्हें बाध्य नहीं किया जा सकता। भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना के मुताबिक, 132 राजकीय हाईस्कूल और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 40 हजार स्टूडेंट्स में से केवल 5 हजार स्टूडेंट्स के पैरेंट्स अपने बच्चों को आंशिक रूप से खुले स्कूलों में भेजने को तैयार हैं।
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